अयोध्या न्यूज डेस्क: जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के नेता और भरतपुर से विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार (11 फरवरी 2026) को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में ‘बाबरी मस्जिद’ की तर्ज पर मस्जिद निर्माण कार्य शुरू कराया। कबीर ने दावा किया कि मस्जिद का निर्माण दो साल में पूरा होगा और इस पर लगभग ₹50-55 करोड़ की लागत आएगी। ईंट रखने की शुरुआत के दौरान हजारों स्थानीय लोग मौजूद रहे।
गौरतलब है कि कबीर को 4 दिसंबर 2025 को तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने JUP का गठन किया और आगामी विधानसभा चुनाव में टीएमसी व भाजपा को चुनौती देने का ऐलान किया। 6 दिसंबर 2025 को उन्होंने इस मस्जिद की नींव रखी थी। ‘बाबरी मस्जिद’ की प्रतिकृति बनाने की घोषणा के बाद राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कबीर ने कहा कि उनका उद्देश्य धार्मिक आस्था से जुड़ा है, न कि किसी पर कुछ थोपना। वहीं भाजपा नेताओं ने इसे मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल में कहा था कि ‘बाबरी मस्जिद’ दोबारा नहीं बनेगी। इस बीच, राज्य सरकार द्वारा दीघा में ₹250 करोड़ की लागत से जगन्नाथ मंदिर निर्माण और अन्य मंदिर परियोजनाओं का भी जिक्र राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।
कबीर ने ‘बाबरी यात्रा’ नाम से प्रस्तावित 235 किमी की रैली को बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर फिलहाल स्थगित कर दिया है और इसके बजाय 22 किमी की पदयात्रा का ऐलान किया है। हाल ही में उनकी मुलाकात सीपीआई(एम) नेता मोहम्मद सलीम से भी हुई, जिससे संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा बंगाल की राजनीति में अहम बनता जा रहा है।